By the end of this chapter you'll be able to…

  • 1पाठ का सार अपने शब्दों में लिखना
  • 2मुख्य भाव समझना: प्रकृति-पर्व और संस्कृति
  • 3फूलदेई कब, कहाँ और कैसे मनाया जाता है, बताना
  • 4नए शब्दों का वाक्यों में प्रयोग करना
  • 5किसी त्योहार पर छोटा अनुच्छेद लिखना
💡
Why this chapter matters
'फूलदेई' पाठ उत्तराखंड के वसंत-पर्व के माध्यम से बच्चों को प्रकृति-प्रेम, लोक-संस्कृति का सम्मान और त्योहारों के पीछे की भावना सिखाता है।

Before you start — revise these

A 5-minute refresher here will save you 30 minutes of confusion below.

प्रकृति पर्व - फूलदेई — कक्षा 3 हिंदी (CBSE)

कक्षा 3 हिंदी वीणा का नौवाँ पाठ। फूलदेई पर्व हमें प्रकृति और अपनी संस्कृति से जोड़ता है।


1. पाठ का परिचय

  • पाठ प्रकार: जानकारी देने वाला पाठ (पर्व-त्योहार)
  • विषय: उत्तराखंड का प्रकृति पर्व 'फूलदेई'।
  • पढ़ते समय ध्यान दें: फूलदेई कब, कैसे और क्यों मनाया जाता है।

2. सार

"फूलदेई" उत्तराखंड का एक सुंदर प्रकृति पर्व है, जो वसंत ऋतु (चैत्र मास) में मनाया जाता है। इस दिन बच्चे सुबह-सुबह रंग-बिरंगे फूल इकट्ठा करके घरों की देहरी (दरवाज़े) पर रखते हैं और "फूल देई, छम्मा देई" जैसे गीत गाते हैं। इस तरह वे फूलों और प्रकृति का स्वागत करते हैं तथा सबके सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। पाठ हमें प्रकृति-प्रेम और अपनी संस्कृति की सराहना करना सिखाता है।

3. मुख्य भाव

  • प्रकृति और फूलों का स्वागत
  • वसंत ऋतु का उल्लास
  • अपनी संस्कृति और लोक-पर्व का सम्मान
  • सबके सुख-समृद्धि की कामना

4. शब्द-अर्थ और भाषा अभ्यास

शब्दअर्थ
पर्वत्योहार
वसंतफूल खिलने की ऋतु
देहरीघर का दरवाज़ा/चौखट
उल्लासखुशी, उमंग
समृद्धिखुशहाली

अभ्यास:

  1. पाठ से 5 नए शब्द चुनकर अर्थ लिखिए।
  2. "फूल" से अपना वाक्य बनाइए।
  3. किन्हीं तीन फूलों के नाम लिखिए।

5. लिखित उत्तर का तरीका

  • प्रश्न ध्यान से पढ़िए।
  • उत्तर पूरे वाक्य में दीजिए।
  • "कब/कैसे/क्यों" वाले प्रश्न में कारण लिखिए।
  • पाठ से एक उदाहरण जोड़िए।

6. रचनात्मक लेखन

विषय: अपने यहाँ मनाए जाने वाले किसी त्योहार के बारे में 4-5 वाक्य लिखिए।

7. सामान्य गलतियाँ

  • गलती: फूलदेई को किसी और राज्य का पर्व बता देना। सुधार: यह उत्तराखंड का प्रकृति पर्व है।
  • गलती: यह सोचना कि यह सर्दियों का त्योहार है। सुधार: फूलदेई वसंत ऋतु में मनाया जाता है।
  • गलती: एक शब्द में उत्तर देना। सुधार: पूरे वाक्य में उत्तर लिखिए।

8. प्रश्न-उत्तर (अभ्यास)

  1. फूलदेई किस राज्य का पर्व है?
  2. यह किस ऋतु में मनाया जाता है?
  3. इस दिन बच्चे क्या करते हैं?
  4. फूलदेई पर बच्चे फूल कहाँ रखते हैं?
  5. यह पर्व किसका स्वागत करता है?

9. उत्तर-कुंजी

  1. उत्तराखंड का।
  2. वसंत ऋतु में।
  3. बच्चे फूल इकट्ठा करके देहरी पर रखते हैं और गीत गाते हैं।
  4. घरों की देहरी (दरवाज़े) पर।
  5. फूलों और प्रकृति का।

10. तेज़ दोहराव

  • पाठ प्रकार: प्रकृति पर्व की जानकारी।
  • फूलदेई उत्तराखंड का वसंत-पर्व है।
  • बच्चे फूल देहरी पर रखते हैं और गीत गाते हैं।
  • यह फूलों और प्रकृति का स्वागत करता है।
  • उत्तर पूरे वाक्यों में लिखिए।

Key formulas & results

Everything you need to memorise, in one card. Screenshot this for revision.

पाठ प्रकार
जानकारी देने वाला पाठ (पर्व-त्योहार)
फूलदेई पर्व को ध्यान से पढ़ें।
मुख्य भाव
प्रकृति-प्रेम, वसंत का स्वागत और संस्कृति का सम्मान
उत्तराखंड का वसंत-पर्व; बच्चे फूल देहरी पर रखते हैं।
उत्तर लिखने की आदत
अपने शब्दों में स्पष्ट उत्तर
पूरे वाक्य और पाठ से उदाहरण के साथ लिखें।
⚠️

Common mistakes & fixes

These are the exact errors that cost students marks in board exams. Read them once, save yourself the trouble.

WATCH OUT
फूलदेई को किसी और राज्य का पर्व बता देना
यह उत्तराखंड का प्रकृति पर्व है।
WATCH OUT
यह सोचना कि यह सर्दियों का त्योहार है
फूलदेई वसंत ऋतु में मनाया जाता है।
WATCH OUT
एक शब्द में उत्तर देना
उत्तर पूरे वाक्य में लिखिए।

Practice problems

Try each one yourself before tapping "Show solution". Active recall > rereading.

Q1EASY· बोध
फूलदेई किस राज्य का पर्व है?
Show solution
उत्तराखंड का।
Q2EASY· बोध
फूलदेई किस ऋतु में मनाया जाता है?
Show solution
वसंत ऋतु में।
Q3MEDIUM· बोध
इस दिन बच्चे क्या करते हैं?
Show solution
बच्चे फूल इकट्ठा करके घरों की देहरी पर रखते हैं और गीत गाते हैं।
Q4EASY· बोध
फूलदेई पर बच्चे फूल कहाँ रखते हैं?
Show solution
घरों की देहरी (दरवाज़े) पर।
Q5MEDIUM· भाव
यह पर्व किसका स्वागत करता है?
Show solution
फूलों और प्रकृति का, और सबके सुख-समृद्धि की कामना करता है।
Q6HARD· लेखन
अपने यहाँ मनाए जाने वाले किसी त्योहार के बारे में 4-5 वाक्य लिखिए।
Show solution
त्योहार का नाम, कब मनाते हैं, और कैसे मनाते हैं — अपने शब्दों में लिखिए।

5-minute revision

The whole chapter, distilled. Read this the night before the exam.

  • फूलदेई कक्षा 3 वीणा का पाठ 9 है।
  • यह उत्तराखंड का वसंत-पर्व है।
  • बच्चे फूल इकट्ठा करके देहरी पर रखते हैं और गीत गाते हैं।
  • यह फूलों और प्रकृति का स्वागत करता है।
  • मुख्य भाव: प्रकृति-प्रेम और संस्कृति का सम्मान।
  • उत्तर पूरे वाक्यों में लिखिए।

CBSE marks blueprint

Where the marks come from in this chapter — so you can plan your prep.

Typical chapter weightage: विद्यालय परीक्षा, मौखिक पाठ, नोटबुक और गतिविधियों में 3-4 अंक

Question typeMarks eachTypical countWhat it tests
अति लघु12-3पर्व, ऋतु, स्थान या शब्द-अर्थ
लघु उत्तर21-2पर्व कैसे मनाते हैं या उसका भाव
गतिविधि / लेखन30-1त्योहार पर अनुच्छेद या चित्र
Prep strategy
  • पाठ एक बार समझने के लिए पढ़िए
  • फूलदेई के स्थान, ऋतु और रीति याद कीजिए
  • नए शब्द-अर्थ से वाक्य बनाइए
  • अपने त्योहार पर अनुच्छेद लिखिए

Where this shows up in the real world

This chapter isn't just an exam topic — it lives in the world around you.

प्रकृति-प्रेम

फूलों और ऋतुओं को समझना प्रकृति के प्रति स्नेह बढ़ाता है।

संस्कृति का सम्मान

लोक-पर्व जानने से अपनी संस्कृति पर गर्व होता है।

सामूहिक खुशी

त्योहार सबको मिलकर खुशियाँ बाँटना सिखाते हैं।

Exam strategy

Battle-tested tips from teachers and toppers for this chapter.

  1. प्रश्न का आदेश-शब्द ध्यान से पढ़िए
  2. पर्व का स्थान और ऋतु सही लिखिए
  3. 'कैसे मनाते हैं' का उत्तर क्रम में दीजिए
  4. उत्तर पूरे वाक्य में लिखिए

Going beyond the textbook

For olympiad aspirants and curious learners — topics that build on this chapter.

  • भारत के दो अलग-अलग राज्यों के वसंत-त्योहारों के नाम लिखिए।
  • फूलदेई पर एक छोटा गीत या दो पंक्तियाँ बनाइए।

Where else this chapter is tested

CBSE board isn't the only one — other exams test this chapter too.

CBSE कक्षा 3 विद्यालय मूल्यांकनHigh
कक्षा 3 फाउंडेशन / ओलंपियाड अभ्यासMedium
नोटबुक और गतिविधि मूल्यांकनHigh

Questions students ask

The real ones — pulled from the Q&A community and tutor sessions.

वसंत ऋतु में बच्चे सुबह फूल इकट्ठा करके घरों की देहरी पर रखते हैं और 'फूल देई' के गीत गाते हुए सबकी खुशहाली की कामना करते हैं।

यह प्रकृति से प्रेम करना और अपनी लोक-संस्कृति तथा त्योहारों का सम्मान करना सिखाता है।
Verified by the tuition.in editorial team
Last reviewed on 2 June 2026. Written and reviewed by subject-matter experts — read about our process.
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